बाहरी जिलों से आने वाले अफसरों पर नकेल, जिलाधिकारी बोले, तत्काल प्रभाव से आवागमन बंद कर यहीं निवास करें, वरना सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी

0
11

शहर के सुभाष बाजार की किराना दुकान में लगी भीड़।
– फोटो : HAMIRPUR

ख़बर सुनें

हमीरपुर। दूसरे जिलों से ड्यूटी करने आने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों को डीएम ने सख्त चेतावनी दी है। कहां तत्काल प्रभाव से आवागमन बंद करें, अन्यथा कार्रवाई हो सकती है। जहां ड्यूटी है वहीं निवास करें, जिससे सीमाओं पर सख्ती की जा सके।
अपर जिलाधिकारी विनय प्रकाश श्रीवास्तव ने बताया जनपद में तैनात काफी अधिकारी व कर्मचारी शासकीय ड्यूटी के लिए प्रतिदिन कानपुर सहित अन्य जनपदों से आते जाते हैं। ऐसे हालात में जब कानपुर में कोरोना संक्रमितों की संख्या ठीक है।
कानपुर में कोविड-19 के दृष्टिगत वर्तमान में अत्यधिक संवेदनशील जनपदों में है तथा वहां कई स्थान हॉट स्पॉट हैं। उन्होंने कानपुर सहित अन्य जनपदों से आवागमन करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों को निर्देशित किया है कि तत्काल प्रभाव से आवागमन बंद करें।
जिस अधिकारी व कर्मचारी की जहां तैनाती है, वहीं निवास करें। अन्यथा की स्थिति में इसे लॉकडाउन का उल्लंघन मानते हुए संबंधित के विरुद्घ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
सीमा पर लगे पुलिस कर्मियों को प्रशासन ने अलर्ट किया है। कानपुर से बड़ी संख्या में आ जा रहे लोगों को जिलाधिकारी सख्त हिदायत दे चुके हैं। मगर आवागमन जारी है। मंगलवार को कानपुर सवारी लेकर जा रही एंबुलेंसों वापस कर पुलिस ने हिदायत दी।
कोरोना वायरस से बचाव के लिए जिले की सीमाओं पर 42 बैरियर लगाए हैं। ताकि बाहरी व्यक्ति प्रवेश न कर सकें। जिलाधिकारी ज्ञानेश्वर त्रिपाठी भी सरकारी कार्यालयों में काम कर रहे अधिकारियों व कर्मचारियों के आने जाने पर रोक लगाई हे।
एसपी श्लोक कुमार ने बैरियरों पर तैनात पुलिस कर्मियों को कानपुर, उरई व बांदा से आने वालों पर सख्ती करने के निर्देश दिए हैं। एसपी ने बताया बाहरी जनपद से मरीज, आवश्यक सामग्री लाने वाले वाहनों का पास होने पर ही शहर में प्रवेश दिया जाएगा। इसके अलावा किसी को भी प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
नासिक से पैदल बहराइच जा रहे मजदूर
मौदहा। महाराष्ट्र के नासिक से चलकर बहराइच जाने के लिए 16 दिन पूर्व निकले मजदूर मंगलवार को कस्बे के बड़े चौराहे पर पहुंचे। बताया कि वहां खाने को नहीं मिला। इसलिए निकल पड़े। यूपी बार्डर पर पुलिस के डंडे खाने पड़े।
बहराइच निवासी सूफियान, अतीक पुत्र अमीन, मोहम्मद मकसूद अली, अखिलेश कुमार, मुबीन, शफीक अली, सैय्यद अली, सोनू कुमार ने बताया सभी लोग नासिक में होटल में काम करते थे। लॉकडाउन में काम बंद होने पर वह लोग पैदल ही आ रहे हैं। कहा मध्य प्रदेश बार्डर से जैसे ही वह लोग बार्डर पर श्रीनगर पहुंचे तो पुलिस ने रोक लिया।
उनके साथ अभद्रता की। बस्ती जनपद निवासी रमेश कुमार व लवकुश, बिहारी प्रजापति ने बताया मुंबई में फर्नीचर का काम करते हैं। उधर, गैर प्रांतों में फंसे प्रवासी मजदूरों को राशन व रुपये की समस्या होने पर पैदल ही सूरत से अपने जनपद बांदा के लिए रवाना हो गए। सात दिन लगातार चलने के बाद मंगलवार को सभी शहर पहुंचे।
जिला कारागार के सामने एक पेड़ के नीचे भूखे पेट आराम कर रहे दो मजदूर रमेश निवासी खड़ेही, बांदा व प्रवीण कुमार निवासी अतरैया डेरा सुमेरपुर ने बताया वह चार लोग सूरत से आए हैं। कहा कि सूरत में वह लोग मजदूरी करते हैं। लेकिन लॉकडाउन लगने के कारण बचे हुए रुपये से अब तक भोजन करते रहे हैं। वह लोग 21 अप्रैल की शाम पैदल चले थे। रास्ते में कुछ जगह लोगों ने भोजन करा दिया है। इस पर उन्हें मोदी किचन में भोजन कराया गया।
सामाजिक दूरी का हुआ उल्लंघन
हमीरपुर। सोमवार को प्रशासन ने व्यापार मंडल पदाधिकारियों के साथ बैठक की थी। जिसमें लॉकडाउन में दो घंटे के लिए किराना की दुकानों को सामाजिक दूरी का पालन करते हए खोलने पर आम सहमति बनी थी।
जिस पर प्रशासन ने दोपहर 12 से दो बजे तक दुकानों को खोलने की अनुमति दी। मंगलवार को दोपहर 12 बजते ही किराना की दुकानें तो बंद रही, मगर सुभाष बाजार, कालपी चौराहा, बसस्टैंड, आकिल तिराहा, विद्या मंदिर रोड स्थित अधिकांश किराना की दुुकानों के शटर खुले रहे। दुकानों के खुलने से ग्राहक उमड़ पड़े और कई दुकानों के बाहर भीड़ देखी गई।
उधर भरुआसुमेरपुर में जिला प्रशासन ने स्टेट हाईवे की दुकानों को छोड़कर सोमवार को दो घंटे के लिए आवश्यक सामानों की दुकानों को खोलने के आदेश दिए थे। मंगलवार को कस्बे में मैथिलीशरण गुप्त मार्ग, रामलीला मैदान, पुरानी गोश्त मंडी, विंध्यवासिनी मार्ग आदि जगहों पर दुकानदारों ने दुकानें खोलकर जरूरतमंदों को सामान मुहैया कराया।
लोग घरों से बाहर आकर जरूरत का सामान लेकर सामाजिक दूरी का पालन करते हुए घरों को लौट गए। इस छूट के दौरान पुलिस ने चारों तरफ सख्त पहरा लगाए रखा। दुकानदारों को भी कड़ी हिदायत दी।

यमुना पुल बैरियर पर वाहनों को रोकते कोतवाल एसपी पटेल।

यमुना पुल बैरियर पर वाहनों को रोकते कोतवाल एसपी पटेल।– फोटो : HAMIRPUR

महाराष्ट्र से पैदल बहराईच जनपद जाते मजदूर।

महाराष्ट्र से पैदल बहराईच जनपद जाते मजदूर।– फोटो : HAMIRPUR

हमीरपुर। दूसरे जिलों से ड्यूटी करने आने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों को डीएम ने सख्त चेतावनी दी है। कहां तत्काल प्रभाव से आवागमन बंद करें, अन्यथा कार्रवाई हो सकती है। जहां ड्यूटी है वहीं निवास करें, जिससे सीमाओं पर सख्ती की जा सके।

अपर जिलाधिकारी विनय प्रकाश श्रीवास्तव ने बताया जनपद में तैनात काफी अधिकारी व कर्मचारी शासकीय ड्यूटी के लिए प्रतिदिन कानपुर सहित अन्य जनपदों से आते जाते हैं। ऐसे हालात में जब कानपुर में कोरोना संक्रमितों की संख्या ठीक है।
कानपुर में कोविड-19 के दृष्टिगत वर्तमान में अत्यधिक संवेदनशील जनपदों में है तथा वहां कई स्थान हॉट स्पॉट हैं। उन्होंने कानपुर सहित अन्य जनपदों से आवागमन करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों को निर्देशित किया है कि तत्काल प्रभाव से आवागमन बंद करें।

जिस अधिकारी व कर्मचारी की जहां तैनाती है, वहीं निवास करें। अन्यथा की स्थिति में इसे लॉकडाउन का उल्लंघन मानते हुए संबंधित के विरुद्घ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
सीमा पर लगे पुलिस कर्मियों को प्रशासन ने अलर्ट किया है। कानपुर से बड़ी संख्या में आ जा रहे लोगों को जिलाधिकारी सख्त हिदायत दे चुके हैं। मगर आवागमन जारी है। मंगलवार को कानपुर सवारी लेकर जा रही एंबुलेंसों वापस कर पुलिस ने हिदायत दी।
कोरोना वायरस से बचाव के लिए जिले की सीमाओं पर 42 बैरियर लगाए हैं। ताकि बाहरी व्यक्ति प्रवेश न कर सकें। जिलाधिकारी ज्ञानेश्वर त्रिपाठी भी सरकारी कार्यालयों में काम कर रहे अधिकारियों व कर्मचारियों के आने जाने पर रोक लगाई हे।
एसपी श्लोक कुमार ने बैरियरों पर तैनात पुलिस कर्मियों को कानपुर, उरई व बांदा से आने वालों पर सख्ती करने के निर्देश दिए हैं। एसपी ने बताया बाहरी जनपद से मरीज, आवश्यक सामग्री लाने वाले वाहनों का पास होने पर ही शहर में प्रवेश दिया जाएगा। इसके अलावा किसी को भी प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
नासिक से पैदल बहराइच जा रहे मजदूर
मौदहा। महाराष्ट्र के नासिक से चलकर बहराइच जाने के लिए 16 दिन पूर्व निकले मजदूर मंगलवार को कस्बे के बड़े चौराहे पर पहुंचे। बताया कि वहां खाने को नहीं मिला। इसलिए निकल पड़े। यूपी बार्डर पर पुलिस के डंडे खाने पड़े।
बहराइच निवासी सूफियान, अतीक पुत्र अमीन, मोहम्मद मकसूद अली, अखिलेश कुमार, मुबीन, शफीक अली, सैय्यद अली, सोनू कुमार ने बताया सभी लोग नासिक में होटल में काम करते थे। लॉकडाउन में काम बंद होने पर वह लोग पैदल ही आ रहे हैं। कहा मध्य प्रदेश बार्डर से जैसे ही वह लोग बार्डर पर श्रीनगर पहुंचे तो पुलिस ने रोक लिया।
उनके साथ अभद्रता की। बस्ती जनपद निवासी रमेश कुमार व लवकुश, बिहारी प्रजापति ने बताया मुंबई में फर्नीचर का काम करते हैं। उधर, गैर प्रांतों में फंसे प्रवासी मजदूरों को राशन व रुपये की समस्या होने पर पैदल ही सूरत से अपने जनपद बांदा के लिए रवाना हो गए। सात दिन लगातार चलने के बाद मंगलवार को सभी शहर पहुंचे।
जिला कारागार के सामने एक पेड़ के नीचे भूखे पेट आराम कर रहे दो मजदूर रमेश निवासी खड़ेही, बांदा व प्रवीण कुमार निवासी अतरैया डेरा सुमेरपुर ने बताया वह चार लोग सूरत से आए हैं। कहा कि सूरत में वह लोग मजदूरी करते हैं। लेकिन लॉकडाउन लगने के कारण बचे हुए रुपये से अब तक भोजन करते रहे हैं। वह लोग 21 अप्रैल की शाम पैदल चले थे। रास्ते में कुछ जगह लोगों ने भोजन करा दिया है। इस पर उन्हें मोदी किचन में भोजन कराया गया।
सामाजिक दूरी का हुआ उल्लंघन
हमीरपुर। सोमवार को प्रशासन ने व्यापार मंडल पदाधिकारियों के साथ बैठक की थी। जिसमें लॉकडाउन में दो घंटे के लिए किराना की दुकानों को सामाजिक दूरी का पालन करते हए खोलने पर आम सहमति बनी थी।
जिस पर प्रशासन ने दोपहर 12 से दो बजे तक दुकानों को खोलने की अनुमति दी। मंगलवार को दोपहर 12 बजते ही किराना की दुकानें तो बंद रही, मगर सुभाष बाजार, कालपी चौराहा, बसस्टैंड, आकिल तिराहा, विद्या मंदिर रोड स्थित अधिकांश किराना की दुुकानों के शटर खुले रहे। दुकानों के खुलने से ग्राहक उमड़ पड़े और कई दुकानों के बाहर भीड़ देखी गई।
उधर भरुआसुमेरपुर में जिला प्रशासन ने स्टेट हाईवे की दुकानों को छोड़कर सोमवार को दो घंटे के लिए आवश्यक सामानों की दुकानों को खोलने के आदेश दिए थे। मंगलवार को कस्बे में मैथिलीशरण गुप्त मार्ग, रामलीला मैदान, पुरानी गोश्त मंडी, विंध्यवासिनी मार्ग आदि जगहों पर दुकानदारों ने दुकानें खोलकर जरूरतमंदों को सामान मुहैया कराया।
लोग घरों से बाहर आकर जरूरत का सामान लेकर सामाजिक दूरी का पालन करते हुए घरों को लौट गए। इस छूट के दौरान पुलिस ने चारों तरफ सख्त पहरा लगाए रखा। दुकानदारों को भी कड़ी हिदायत दी।

यमुना पुल बैरियर पर वाहनों को रोकते कोतवाल एसपी पटेल।

यमुना पुल बैरियर पर वाहनों को रोकते कोतवाल एसपी पटेल।– फोटो : HAMIRPUR

महाराष्ट्र से पैदल बहराईच जनपद जाते मजदूर।

महाराष्ट्र से पैदल बहराईच जनपद जाते मजदूर।– फोटो : HAMIRPUR

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here