सलामती की दुआ मांग रहें है नन्हे रोजेदार

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झांसी। अल्लाह से प्यार व इबादताें की कोई उम्र नहीं होती। माहे रमजान के महीना की शुरुआत होते ही शहर भर में इबादतों का सिलसिला जारी हो गया है। बड़ों के साथ-साथ छोटे भी अल्लाह की इबादत में मशगूल हो गये हैं। शहर भर में नन्हे रोजेदार रोजे रखकर अल्लाह से कोरोना से निजात की दुआ मांग रहे हैं।
रमजान के महीने में एक नेकी के बदले सत्तर गुना अधिक सबाब (पुण्य) होने के कारण हर कोई इबादतें करता है। वैसे तो इस्लाम में 12 साल से अधिक उम्र होने पर ही रोजा रखने की बात है है लेकिन दीन से मुहब्बत और मुल्क में फैली महामारी के चलते 12 साल से भी कम उम्र के बच्चे रोजा रखकर अल्लाह को राजी करने में जुटे हैं। नन्हे रोजेदार अल्लाह से देश की तरक्की, अमन के साथ ही कोरोना महामारी से निजात पाने की दुआ मांग रहे हैं।
पाक परवरदिगार हम से नाराज हो गये हैं। इसलिए रोजा रखकर अल्लाह को राजी कर रहे हैं। अल्लाह के राजी होने के बाद ही कम कामयाब हो सकेंगे।
इकरा, रोजेदार
देश भर में लोगों का जीना मुहाल हो गया है। अल्लाह से दुआ कर रहे हैं कि जल्द ही इस जानलेवा महामारी से देश वासियों को निजात मिले।
हिना, रोजेदार
सुबह से शाम तक रोजा रखकर अल्लाह की इबादत कर रहे हैं। इफ्तार से वक्त अल्लाह पाक से देश की तरक्की, अमन व सलामती की दुआ करते हैं।
अनीसा, रोजेदार
साल में एक बार बरकतों का महीना रमजान आता है। इस पाक महीने में रहमत का दरवाजा को खोल दिया जाता है। तौबा कर अल्लाह को राजी कर रहे हैं।
अदीबा, रोजेदार
सेहरी से इफ्तार तक पाक परवरदिगार की इबादत कर अल्लाह से मदद की आस लगाए हुए हैं। यकीन है कि अल्लाह जरूर राजी हो जाएंगे।
इलीमा, रोजेदार
रोजे रखकर अल्लाह पाक की इबादत कर रहे हैं। पांच वक्त की नमाजों में देश को इस जानलेवा बीमारी से महफूज रखने की दुआएं कर रहे हैं।
जुनैद, रोजेदार
अल्लाह राजी तो जग राजी, इसलिए माहे रमजान में अल्लाह पाक से बेइंतिहा दुआएं मांग रहे हैं। जल्द ही ये जानलेवा बीमारी दूर होगी।
अलीना, रोजेदार

झांसी। अल्लाह से प्यार व इबादताें की कोई उम्र नहीं होती। माहे रमजान के महीना की शुरुआत होते ही शहर भर में इबादतों का सिलसिला जारी हो गया है। बड़ों के साथ-साथ छोटे भी अल्लाह की इबादत में मशगूल हो गये हैं। शहर भर में नन्हे रोजेदार रोजे रखकर अल्लाह से कोरोना से निजात की दुआ मांग रहे हैं।

रमजान के महीने में एक नेकी के बदले सत्तर गुना अधिक सबाब (पुण्य) होने के कारण हर कोई इबादतें करता है। वैसे तो इस्लाम में 12 साल से अधिक उम्र होने पर ही रोजा रखने की बात है है लेकिन दीन से मुहब्बत और मुल्क में फैली महामारी के चलते 12 साल से भी कम उम्र के बच्चे रोजा रखकर अल्लाह को राजी करने में जुटे हैं। नन्हे रोजेदार अल्लाह से देश की तरक्की, अमन के साथ ही कोरोना महामारी से निजात पाने की दुआ मांग रहे हैं।
पाक परवरदिगार हम से नाराज हो गये हैं। इसलिए रोजा रखकर अल्लाह को राजी कर रहे हैं। अल्लाह के राजी होने के बाद ही कम कामयाब हो सकेंगे।

इकरा, रोजेदार
देश भर में लोगों का जीना मुहाल हो गया है। अल्लाह से दुआ कर रहे हैं कि जल्द ही इस जानलेवा महामारी से देश वासियों को निजात मिले।
हिना, रोजेदार
सुबह से शाम तक रोजा रखकर अल्लाह की इबादत कर रहे हैं। इफ्तार से वक्त अल्लाह पाक से देश की तरक्की, अमन व सलामती की दुआ करते हैं।
अनीसा, रोजेदार
साल में एक बार बरकतों का महीना रमजान आता है। इस पाक महीने में रहमत का दरवाजा को खोल दिया जाता है। तौबा कर अल्लाह को राजी कर रहे हैं।
अदीबा, रोजेदार
सेहरी से इफ्तार तक पाक परवरदिगार की इबादत कर अल्लाह से मदद की आस लगाए हुए हैं। यकीन है कि अल्लाह जरूर राजी हो जाएंगे।
इलीमा, रोजेदार
रोजे रखकर अल्लाह पाक की इबादत कर रहे हैं। पांच वक्त की नमाजों में देश को इस जानलेवा बीमारी से महफूज रखने की दुआएं कर रहे हैं।
जुनैद, रोजेदार
अल्लाह राजी तो जग राजी, इसलिए माहे रमजान में अल्लाह पाक से बेइंतिहा दुआएं मांग रहे हैं। जल्द ही ये जानलेवा बीमारी दूर होगी।
अलीना, रोजेदार

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