बरेलीः शेल्टर होम में प्रवासी मजदूरों का हंगामा

0
59

फरीदपुर। हरियाणा और अन्य स्थानों से आए प्रवासी मजदूरों ने शेल्टर होम में उनकी तहसीलों में क्वारंटीन करने को लेकर जमकर हंगामा किया। पुलिस ने सख्ती दिखाकर मजदूरों को शांत किया।

फरीदपुर के फ्यूचर कॉलेज शेल्टर होम में करीब पौने तीन सौ प्रवासी मजदूर ठहरे हैं। रविवार को आंवला, नवाबगंज तहसीलों के प्रवासी मजदूर भी यहां पहुंच गए हैं। रात में इन मजदूरों ने अपनी तहसील में जाने के लिए कहा तो स्टाफ न हामी भर दी। सभी तहसीलों के मजदूरों ने किराये की गाड़ियों का इंतजाम कर मंगा ली। फिर स्टाफ ने रात में भेजने से मना कर दिया और सुबह ही जाने की बात कही तो वे आक्रोशित हो गए। उनका कहना था कि इस तहसील से निकाल कर दूसरी तहसील में रहना है तो यहां पर रखने की जरूरत क्या है। दो दो वार क्वारंटीन होना पड़ेगा। एक बार ही ऐसी व्यवस्था हो जाए, जिससे क्वारंटीन रहने के बाद वह स्वतंत्र हो जाएं। बाराबंकी के प्रवासी मजदूरों का कहना था कि उनको यहां रोकने के बजाय उनके जिलों में भेज दिया जाए, जिससे वह वहां क्वारंटीन हो सकें। इसी को लेकर हंगामा शुरू हो गया। पहले पुलिस ने समझाने का प्रयास किया, लेकिन प्रवासी मजदूर नहीं माने तो पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए सभी को कमरों में भेज दिया।
फरीदपुर के प्रवासी मजदूर को भेजने पर भड़के
शेल्टर होम में फरीदपुर के 12 मजदूर थे, लेकिन उनको सुबह जांच के बाद छोड़ दिया गया। वह अपने अपने साधनों से चले गए। उनको होम क्वारंटीन होना है, इस पर वे भड़क गए और घर भेजने की मांग करने लगे।
नोएडा से आई बस को फुटबाल बना दिया
नोएडा से लेकर लखनऊ जा रही रोडवेज बस में फरीदपुर के आठ प्रवासी मजदूरों को भेजा गया था। बस प्रवासी मजदूरों को लेकर लखनऊ जा रही थी। डीपीएस स्कूल में पहुंचने पर कोई जवाब न मिलने पर बस कई स्कूलों से होते हुए फरीदपुर के फ्यूचर कॉलेज पहुंची। यहां स्टाफ का कहना था कि 275 प्रवासी मजदूर पहले से हैं इसलिए नए नहीं लिए जा सकते। इसके बाद बस जय नारायण पब्लिक स्कूल भेज दी गई। चालक व परिचालक ने सही सूचना न देने का विरोध भी किया।

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here