कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा- सूक्ष्म और लघु उद्योगों को हर दिन 30 हजार करोड़ का नुकसान, 1 लाख करोड़ का राहत पैकेज दें

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  • सोनिया गांधी ने उद्योगों पर चिंता जताते हुए प्रधानमंत्री मोदी को 5 सुझाव दिए, कहा- यह अर्थव्यवस्था की रीढ़
  • उन्होंने कहा- सूक्ष्म और लघु उद्योगों से 11 करोड़ लोगों को रोजगार जुड़ा, उन्हें सैलरी और नौकरी की चिंता

नई दिल्ली. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने लॉकडाउन के बीच सूक्ष्म और लघु उद्योगों को संकट से उबारने के लिए सरकार से 1 लाख करोड़ का राहत पैकेज देने की मांग की है। शनिवार को उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा। इसमें सोनिया ने कहा है कि अगर लघु उद्योगों को दरकिनार किया गया तो यह देश की अर्थव्यवस्था के लिए घातक साबित होगा। लॉकडाउन से इस सेक्टर को रोजाना 30 हजार करोड़ का नुकसान हो रहा है। सोनिया का मोदी को यह 7वां पत्र पत्र है, जिसमें उन्होंने लॉकडाउन के कारण उद्योगों, कामगारों, गरीबों की परेशानी पर चिंता जताई है।

कोरोना संकट और लॉकडाउन के उद्योगों पर विपरीत असर को लेकर सोनिया ने पत्र में प्रधानमंत्री को 5 सुझाव दिए हैं। उन्होंने 1 लाख करोड़ के राहत पैकेज, इतनी ही रकम की क्रेडिट गारंटी और संकटकाल से निपटने के लिए 24 घंटे हेल्पलाइन शुरू करने की बात कही है।

हर दिन उद्योगों को 30 हजार करोड़ का नुकसान
सोनिया ने कहा कि सूक्ष्म और लघु उद्योग सेक्टर हर दिन 30 हजार करोड़ के नुकसान के दौर से गुजर रहा है। इसे लॉकडाउन के असर से उबारना जरूरी है, क्योंकि यही भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। इस पर ध्यान नहीं दिया तो इकोनॉमी को बहुत नुकसान उठाना पड़ेगा। इसलिए सरकार को तत्काल इस विषय में कदम उठाना चाहिए। राहत पैकेज से उद्योग सेक्टर में मनोबल बढ़ेगा।

11 करोड़ लोगों की सैलरी और नौकरी पर खतरा
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि देश की जीडीपी में सूक्ष्म और लघु उद्योग का एक तिहाई योगदान है। इसके अलावा इस सेक्टर का निर्यात में 50 फीसदी शामिल है। इसी सेक्टर में 11 करोड़ से ज्यादा लोगों को रोजगार मिला हुआ है। इनकी सैलरी के लिए मालिकों को संघर्ष करना पड़ रहा है। ऐसे में बिना मदद के 6.3 करोड़ से ज्यादा उद्योग संकट में आ जाएंगे। 11 करोड़ लोगों के ऊपर बेरोजगार होने का खतरा मंडरा रहा है।

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