मुंबई रेलवे स्टेशन, बस में सफर के दौरान संक्रमण की चपेट में आने की आशंका

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मुंबई से आए ट्रेन में सफर करने वाले कांगड़ा जिला के 17 लोग कोरोना पॉजिटिव आए हैं। वीरवार को कोरोना पॉजिटिव आए दो मरीजों ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि वह लॉकडाउन के बाद मुंबई में पूरी तरह स्वस्थ थे, लेकिन उन्हें मुंबई रेलवे स्टेशन और ऊना के बाद एचआरटीसी की बस में सफर के दौरान कोरोना संक्रमण की चपेट में आने का खतरा था। नूरपुर के सुल्याली के 54 वर्षीय व्यक्ति ने कहा कि उन्हें ऊना से परौर के बीच बस के सफर के दौरान कोरोना संक्रमण की चपेट में आने का शक है।

बस में उनसे अगली सीट पर एक व्यक्ति जो बैठा था, उसमें फ्लू के लक्षण थे और उसने बस में दवाई खाई थी। वह जांच में कोरोना पॉजिटिव आया है। वहीं, इंदौरा के चंगराडा गांव के 24 वर्षीय युवक ने कहा कि उन्हें मुंबई रेलवे स्टेशन में
संक्रमण की चपेट में आने की शंका है, क्योंकि वहां ट्रेन के लिए लगभग पूरा दिन इंतजार करना पड़ा था।

ढाबे में काम करने तीन महीने पहले गए थे मुंबई
24 वर्षीय युवक ने कहा कि वह तीन महीने पहले ही ढाबे में काम करने के लिए घर से मुंबई गया था। एक महीने काम करने के बाद कोरोना की दस्तक के बाद लॉकडाउन हो गया, जिसके बाद वह अपने कमरे में रह रहा था। जब प्रदेश सरकार ने ट्रेन की व्यवस्था की तो घर आना ही उचित समझा। इससे पहले भी वह मुंबई में ही काम करता था।

20 साल से वर्कशॉप में कर रहे काम
नूरपुर के सुल्याली के 54 साल के व्यक्ति ने कहा कि वह पिछले लगभग 20 सालों से मुंबई में एक वर्कशॉप काम करता था। लॉकडाउन के कारण वर्कशॉप बंद होने के कारण उसने ट्रेन से घर आने का निर्णय लिया। कहा कि उसे कोरोना के कोई लक्षण नहीं हैं। ट्रेन में जिस बोगी में वह आया है, उसमें से भी एक व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव आया है।

मुंबई से आए ट्रेन में सफर करने वाले कांगड़ा जिला के 17 लोग कोरोना पॉजिटिव आए हैं। वीरवार को कोरोना पॉजिटिव आए दो मरीजों ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि वह लॉकडाउन के बाद मुंबई में पूरी तरह स्वस्थ थे, लेकिन उन्हें मुंबई रेलवे स्टेशन और ऊना के बाद एचआरटीसी की बस में सफर के दौरान कोरोना संक्रमण की चपेट में आने का खतरा था। नूरपुर के सुल्याली के 54 वर्षीय व्यक्ति ने कहा कि उन्हें ऊना से परौर के बीच बस के सफर के दौरान कोरोना संक्रमण की चपेट में आने का शक है।

बस में उनसे अगली सीट पर एक व्यक्ति जो बैठा था, उसमें फ्लू के लक्षण थे और उसने बस में दवाई खाई थी। वह जांच में कोरोना पॉजिटिव आया है। वहीं, इंदौरा के चंगराडा गांव के 24 वर्षीय युवक ने कहा कि उन्हें मुंबई रेलवे स्टेशन में

संक्रमण की चपेट में आने की शंका है, क्योंकि वहां ट्रेन के लिए लगभग पूरा दिन इंतजार करना पड़ा था।

ढाबे में काम करने तीन महीने पहले गए थे मुंबई
24 वर्षीय युवक ने कहा कि वह तीन महीने पहले ही ढाबे में काम करने के लिए घर से मुंबई गया था। एक महीने काम करने के बाद कोरोना की दस्तक के बाद लॉकडाउन हो गया, जिसके बाद वह अपने कमरे में रह रहा था। जब प्रदेश सरकार ने ट्रेन की व्यवस्था की तो घर आना ही उचित समझा। इससे पहले भी वह मुंबई में ही काम करता था।

20 साल से वर्कशॉप में कर रहे काम
नूरपुर के सुल्याली के 54 साल के व्यक्ति ने कहा कि वह पिछले लगभग 20 सालों से मुंबई में एक वर्कशॉप काम करता था। लॉकडाउन के कारण वर्कशॉप बंद होने के कारण उसने ट्रेन से घर आने का निर्णय लिया। कहा कि उसे कोरोना के कोई लक्षण नहीं हैं। ट्रेन में जिस बोगी में वह आया है, उसमें से भी एक व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव आया है।

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