कायाकल्प योजना में 7वें से पहले नंबर पर पहुंचा गुरदासपुर सिविल अस्पताल

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  • अस्पताल की व्यवस्था में और सुधार करने के लिए गुरदासपुर के अलावा नवांशहर को भी मिलेंगे 25 लाख रुपए
  • स्टाफ ने एसएमओ डॉ. चेतना के नेतृत्व में सुबह तालियां बजाकर व विक्टरी का निशान बनाकर जाहिर की

गुरदासपुर. कोरोना की महामारी के बीच गुरदासपुर जिले के लिए एक अच्छी खबर है। केंद्र सरकार की कायाकल्प योजना में जिला मुख्यालय का सिविल अस्पताल पहले स्थान पर पहुंच गया है। पिछले साल यही रैंकिंग 7 की थी। राज्य में पहले नंबर पर रहने की खुशी अस्पताल के स्टाफ ने एसएमओ डॉ. चेतना के नेतृत्व में सुबह तालियां बजाकर व विक्टरी का निशान बनाकर जाहिर की। एसएमओ डॉ. चेतना ने कहा कि यह अस्पताल के स्टाफ के लिए गर्व की बात है। अब स्टाफ की जिम्मेदारी और भी बढ़ गई है, क्योंकि अगली बार फिर से पहले नंबर पर आने का प्रयास किया जाएगा।

यह है कायाकल्प योजना, साफ-सफाई से लेकर देखा जाता है मरीजों से बर्ताव तक सब
केंद्र व पंजाब सरकार द्वारा सिविल अस्पतालों में सफाई व्यवस्था व रोगियों के रख-रखाव को सही करने के लिए कायाकल्प अभियान की शुरुआत तीन साल पहले की गई थी। योजना का मुख्य उद्देश्य अस्पतालों में साफ सफाई और इन्फेक्शन पर कंट्रोल को बढ़ावा देना है। इसके अलावा अस्पताल में आने वाले मरीजों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाना है। अस्पताल के स्टाफ में साफ-सफाई और सैनिटेशन को बढ़ावा देना है। इसके तहत अस्पतालों में सफाई सही रखना, रोगियों के रख-रखाव व उनके साथ अच्छा व्यवहार के अलावा स्टाफ को सारा काम प्रैक्टीकली आता है या नहीं शामिल है। इस अभियान के तहत साल में अस्पतालों की तीन बार चेकिंग की जाती है और तीनों के अंक मिलाकर किसी एक अस्पताल को पहला स्थान दिया जाता है। योजना के तहत पूरे प्रदेश में से सबसे बढ़िया दो जिला अस्पतालों का चुनाव किया जाता है। इसके अलावा दो सबसे बढ़िया कम्यूनिटी हैल्थ सेंटर और एक प्राइमरी हैल्थ सेंटर को चुना जाता है। योजना के तहत अस्पताल को नंबर देते समय सुविधाओं साफ सफाई, वेस्ट मैनेजमेंट, इन्फेक्शन कंट्रोल, स्टाफ के व्यवहार आदि को ध्यान में रखा जाता है। चेकिंग के दौरान चुने गए पहले स्थान पर रहने वाले दो अस्पतालों को 25-25 लाख रुपए, दूसरे स्थान पर रहने वाले अस्पताल को 10 लाख व बाकी 8 स्थानों पर रहने वाले अस्पतालों को 3-3 लाख रुपए इनाम राशि दी जाती है।

पहले नंबर पर बने रहने की करेंगे कोशिश: एसएमओ
एसएमओ डॉ. चेतना ने कहा कि यह अस्पताल के स्टाफ के लिए गर्व की बात है। अब स्टाफ की जिम्मेदारी और भी बढ़ गई है, क्योंकि अगली बार फिर से पहले नंबर पर आने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अब अस्पताल को नेशनल स्तर पर रैंकिंग पाने के लिए और भी मेहनत करनी होगी। पिछले साल अस्पताल को 7वें नंबर पर आने पर 3 लाख रुपए मिले थे, जिसे अस्पताल में सुधार के लिए खर्च किया गया। अब मिलने वाली 25 लाख रुपए की राशि से और भी सुधार किया जाएगा, ताकि नेशनल स्तर पर अच्छी रैंकिंग प्राप्त की जाए।

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