ऐतिहासिक कालिंजर में पेयजल की भीषण किल्लत

0
54

नरैनी। कटरा कालिंजर में डेढ़ माह से चला आ रहा पेयजल संकट थम नहीं रहा। लॉकडाउन की परवाह किए बगैर पानी के लिए परेशान लोग हैंडपंपों पर जुट रहे हैं। कालिंजर दुर्ग में भी एक माह से पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। मार्च में कालिंजर में सड़क निर्माण के दौरान रावण प्रतिमा के पास पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। तब से अब तक इसे दुरुस्त नहीं किया गया। लगभग 12 हजार की आबादी वाला कटरा कालिंजर पानी के लिए तरस रहा है।

उधर, ऐतिहासिक पर्यटक स्थल कालिंजर दुर्ग में भी पानी का संकट है। दुर्ग में लगाई गईं प्लास्टिक की टंकियां खाली पड़ी हैं। खाली टंकियाें के आंधी में उड़ने या क्षतिग्रस्त होने की आशंका है। जल संस्थान अवर अभियंता राहुल सिंह ने दलील दी कि लॉकडाउन की वजह से टूटी पाइप लाइन दुरुस्त नहीं कराई जा सकी। जल्द ही इसे बनवाया जाएगा। गौरतलब है कि पूर्व डीएम हीरालाल ने कालिंजर में एक और नलकूप लगाने की स्वीकृति और निर्देश दिए थे। उनके तबादले के बाद यह ठंडे बस्ते में चला गया। यहां तीन ट्यूबवेल हैं जो काफी दिनों से खराब हैं। एक नलकूप से पर्याप्त जलापूर्ति नहीं हो पा रही।
ट्रांसफार्मर फुंका, कई गांवों में बिजली गुल
नरैनी। सब स्टेशन में लगा 5 एमवीए का ट्रांसफार्मर फुंक जाने से गिरवां क्षेत्र के 12 से अधिक गांवों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। गर्मी में हजारों ग्रामीण परेशान हैं। पानी का संकट भी हो रहा है। यहां लगा ट्रांसफार्मर रविवार को शाम फुंक गया।
इस ट्रांसफार्मर से गिरवां क्षेत्र के पनगरा, मोतियारी, रिसौरा, देवरार, बांसी आदि सहित कई गांवों में बिजली आपूर्ति की जाती है। विद्युत वितरण खंड के अधिशासी अभियंता ने सब स्टेशन आकर ट्रांसफार्मर देखा। उधर, अवर अभियंता आरपी सिंह ने बताया कि पेयजल आपूर्ति बहाल रखने के लिए देवी जी खत्री पहाड़ फीडर से जोड़कर आपूर्ति की वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है। ट्रांसफार्मर बदलने में 3-4 दिन लगेंगे।

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here