वर्ल्ड हाइपरटेंशन-डेः सायलेंट किलर हाइपरटेंशन की चपेट में हैं शहर के 30 फीसदी लोग

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हाइपरटेंशन रोगी के कोरोना संक्रमित होने पर जान जाने का बढ़ जाता है खतरा

बरेली। हाइपरटेंशन यानी उच्च रक्तचाप के प्रति जागरूकता के लिए हर साल 17 मई को वर्ल्ड हाइपरटेंशन-डे मनाया जाता है। डॉक्टरों के मुताबिक, शहर में करीब 30 फीसदी लोग इस बीमारी की चपेट में हैं। इधर, कोरोना को लेकर हुए शोध में दावा किया जा रहा है कि हाइपरटेंशन से ग्रसित व्यक्ति के कोरोना संक्रमित होने पर उसकी जान को खतरा बढ़ जाता है।
वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. सुदीप सरन के मुताबिक, लगातार सिरदर्द, सांस लेने में दिक्कत, चक्कर आना, अंगों का फड़कना और नाक बहना आदि कुछ ऐसे मामूली लक्षण हैं, जिन पर लोग ज्यादा ध्यान नहीं देते हैं। इसके अलावा शारीरिक और मानसिक कारणों से भी लोग इस बीमारी से ग्रसित हो सकते हैं। हाइपरटेंशन में रक्तचाप 140 के ऊपर पहुंच जाता है। ऐसी स्थिति में अनियंत्रित उच्च रक्तचाप से दिल का दौरा या स्ट्रोक, एन्यूरिज्म, अंग की खराबी, दृष्टिहानि, मैटाबोलिक सिंड्रोम से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। 60 साल से अधिक उम्र के लोगों में हाइपरटेंशन का अधिक खतरा होता है।

हाइपरटेंशन के रोगी कोरोना से बचाव पर दें ज्यादा ध्यान

डॉ. सरन ने बताया कि कोरोना वायरस का सर्वाधिक खतरा हाइपरटेंशन के मरीजों को है। डब्ल्यूएचओ की ओर से जारी एक रिपोर्ट के आधार पर उन्होंने बताया कि हाइपरटेंशन यानी उच्च रक्तचाप के मरीजों में कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने का सर्वाधिक खतरा रहता है। ऐसे में उच्च रक्तचाप के मरीज अपनी दवाएं बंद न करें। दवाएं बंद करने से उनकी जान को खतरा हो सकता है, क्योंकि रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने की वजह से वे कोरोना के आसानी से शिकार हो सकते हैं।
30 प्रतिशत शहरवासी हाइपरटेंशन की चपेट में
आईएमए के पूर्व अध्यक्ष डॉ. रवीश अग्रवाल का कहना है कि शहर में करीब 30 फीसदी लोग हाइपरटेंशन के मरीज हैं। हाइपरटेंशन के मरीजों को कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए एहतियात बरतना बहुत जरूरी है। उन्होंने बताया कि ब्लड प्रेशर की दवाइयां कई कैटेगरी में होती है। उसमें से वे कोरोना संक्रमित जो हाइपरटेंशन से ग्रसित रहे हैं, उन्हें एसीई कैटेगरी की इनहिविटर दवा खाने से बचने का सुझाव दिया है।

ऐसे करें बचाव

– धूमपान और शराब के सेवन से बचें।
– हरी सब्जियों और फलों का सेवन करें।
– कम फैट वाले डेयरी प्रोडक्ट्स खाएं।
– रोजना करीब एक घंटे व्यायाम करें।
– भोजन में नमक की मात्रा कम रखें।
– नियमित अपना रक्तचाप चेक कराएं।
– एक्टिव रहें और अपना वजन घटाएं।
– रोजाना करीब 40 मिनट पैदल चलें।
– खुश रहें। तनाव से बचें।
– विटामिन डी के लिए कुछ देर धूप में बैठें।

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