इस साल 80 फीसदी तक गिर सकता है विश्व पर्यटन बाजार, देश में जल्द शुरू हो सकता है ‘टूरिज्म’

0
33

ख़बर सुनें

संयुक्त राष्ट्र के विश्व पर्यटन संगठन (यूएनडब्ल्यूटीओ) ने कोरोना महामारी के कारण साल 2020 में अंतरराष्ट्रीय पर्यटन में 60 से 80 फीसदी की गिरावट की आशंका जताई है। कोरोना वायरस संक्रमण के कारण दुनियाभर में पर्यटन उद्योग महीनों से ठप पड़ा हुआ है। इस कारण 910 से 1200 अरब डॉलर तक की आय का नुकसान होने की संभावना है। जाहिर है कि लाखों लोगों की आजीविका संकट में पड़ गई है। वैश्विक एजेंसी के मुताबिक, कोविड 19 महामारी के चलते इस साल की पहली तिमाही के दौरान अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की आवक में 22 फीसदी की गिरावट हुई है।

यूएनडब्ल्यूटीओ के महासचिव जुरब पोलोलिकाशविली ने कहा कि दुनिया एक अभूतपूर्व स्वास्थ्य और आर्थिक संकट का सामना कर रही है। इससे सबसे ज्यादा पर्यटन उद्योग प्रभावित हुआ है। अर्थव्यवस्था के सबसे अधिक श्रम आधारित इस क्षेत्र में लाखों लोगों के रोजगार खतरे में हैं।

यूएनडब्ल्यूटीओ विश्व पर्यटन सूचकांक के मुताबिक, इस साल के पहले तीन महीनों यानी जनवरी से मार्च के दौरान पर्यटकों की आवक में 22 प्रतिशत की कमी हुई है। यह गिरावट खासकर एशिया और प्रशांत क्षेत्र में अधिक रही है। मालूम हो कि देश से हर साल दो करोड़ से भी जयादा लोग छुट्टियां मनाने और घूमने के लिए विदेश जाते हैं। पिछले 10 साल में यह संख्या करीब तीन गुना बढ़ी है।

अर्थव्यवस्था संभालने की कोशिश में देश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘जान भी जहान भी’ की बात कही है, जिसपर अमल करते पर्यटन उद्योग को फिर से खड़ा करने का खाका तैयार किया जा रहा है। सरकार की कोशिश है कि लॉकडाउन खत्म होने के बाद पर्यटकों को कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए एहतियार बरतने के साथ घूमने की सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।

पर्यटन मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि फिलहाल गोवा और पूर्वोत्तर राज्यों पर ध्यान अधिक रहेगा। गोवा और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में कोरोना संक्रमण लगभग खत्म हो चुका है। पर्यटन मंत्रालय की कोशिश है कि इन पर्यटकों को देश के अंदर बेहतर सुविधाएं मुहैया कराई जाएं, तो वे फिलहाल विदेश के बजाए देश में घूमना ज्यादा पसंद करेंगे। हालांकि, इसके साथ एहतियाती उपायों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

संयुक्त राष्ट्र के विश्व पर्यटन संगठन (यूएनडब्ल्यूटीओ) ने कोरोना महामारी के कारण साल 2020 में अंतरराष्ट्रीय पर्यटन में 60 से 80 फीसदी की गिरावट की आशंका जताई है। कोरोना वायरस संक्रमण के कारण दुनियाभर में पर्यटन उद्योग महीनों से ठप पड़ा हुआ है। इस कारण 910 से 1200 अरब डॉलर तक की आय का नुकसान होने की संभावना है। जाहिर है कि लाखों लोगों की आजीविका संकट में पड़ गई है। वैश्विक एजेंसी के मुताबिक, कोविड 19 महामारी के चलते इस साल की पहली तिमाही के दौरान अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की आवक में 22 फीसदी की गिरावट हुई है।

यूएनडब्ल्यूटीओ के महासचिव जुरब पोलोलिकाशविली ने कहा कि दुनिया एक अभूतपूर्व स्वास्थ्य और आर्थिक संकट का सामना कर रही है। इससे सबसे ज्यादा पर्यटन उद्योग प्रभावित हुआ है। अर्थव्यवस्था के सबसे अधिक श्रम आधारित इस क्षेत्र में लाखों लोगों के रोजगार खतरे में हैं।

यूएनडब्ल्यूटीओ विश्व पर्यटन सूचकांक के मुताबिक, इस साल के पहले तीन महीनों यानी जनवरी से मार्च के दौरान पर्यटकों की आवक में 22 प्रतिशत की कमी हुई है। यह गिरावट खासकर एशिया और प्रशांत क्षेत्र में अधिक रही है। मालूम हो कि देश से हर साल दो करोड़ से भी जयादा लोग छुट्टियां मनाने और घूमने के लिए विदेश जाते हैं। पिछले 10 साल में यह संख्या करीब तीन गुना बढ़ी है।

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here