कश्मीरियों के लिए देवदूत बने कश्मीरी वुशू खिलाड़ी, विधवाओं, मजदूरों, जरूरतमंदों को पहुंचा रहे राशन

0
42

ख़बर सुनें

कश्मीर में वुशू और किक बॉक्सिंग जैसी मार्शल आट्र्स बेहद प्रचलित हैं। इनके खिलाड़ी खासतौर पर अंतराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वालों को वहां हीरो का दर्जा प्राप्त है, लेकिन कोरोना वायरस के दौर में वुशू के खिलाड़ी और कोच कश्मीरियों की असल जिंदगी के हीरो बन गए हैं।

वुशू में अंतरराष्ट्रीय पदक जीतने वाली पहली कश्मीरी महिला जबीना, कोच फैजल डार, अंतरराष्ट्रीय गोल्ड मेडलिस्ट एजाज हसन समेत कई वुशू खिलाड़ी, प्रशिक्षक कश्मीर के ज्यादातर हिस्सों में विधवाओं, गरीबों, किशनगंगा हायड्रो प्रोजेक्ट में काम करने आए यूपी, बिहार के मजदूरों को न सिर्फ राशन मुहैया करा रहे हैं बल्कि  खुद मास्क बनाकर उन्हें वितरित कर रहे हैं। देवदूत की तरह लोगों का सहारा बने इन खिलाड़ियों की संपन्न लोग आर्थिक मदद कर रहे हैं। जिससे इनके अभियान का दायरा और बढ़ गया है।

खुद घर जाकर बांट रहे राशन
बारामुला की जबीना अख्तर लाइन लगवाकर नहीं बल्कि घर-घर जाकर राशन बांट रही हैं। जबीना के मुताबिक सबसे पहले उन्होंने घर पर कुछ वुशू खिलाड़ियों के साथ मिलकर मास्क बनाना शुरू किए। फिर इन्हें वितरित किया, लेकिन सबसे ज्यादा बुरा हाल गुलमर्ग में काम करने वाले मजदूरों का है। यहां टूरिज्म खत्म हो गया है। ये कभी किसी के आगे हाथ नहीं  फैलाते थे, लेकिन अब बुरे हाल में हैं। वह अब तक 130 परिवार को राशन पहुंचा चुकी हैं, साथ ही 60
विधवाओं को सहारा दिया है।

कश्मीर में खेल गतिविधियां चलाने को राष्ट्रपति से शाबाशी हासिल कर चुके और एशिया की फोब्र्स सूची में पहला स्थान पाने वाले बांदीपोरा के कोच फैजल डार अब तक उत्तर कश्मीर में 16 सौ परिवारों की मदद कर चुकेहैं। फैजल जिले में पड़ते किशनगंगा हायड्रो प्रोजेक्ट में काम करने आए यूपी, बिहार के मजदूरों के अलावा अनाथलयों और विधवाओं को राशन किट पहुंचा रहे हैं। साथ ही वह अस्पतालों को पीपीई किट भी मुहैया करा रहे हैं।

जेएंडके वूशु एसोसिएशन ने दी जिम्मेदारी
जम्मू कश्मीर वूशु एसोसिएशन के सीईओए और भारतीय टीम के चीफ कोच कुलदीप हांडू ने राज्य के सभी जिला पदाधिकारियों और खिलाड़ियों से कहा कि वे लोग अपने क्षेत्र में खासे प्रचलित हैं और जरूरतमंदों की मदद कर सकते हैं। जबीना, फैजल और अनंतनाग एजाज हसन के अलावा पुलवामा से मुदस्सिर, गांदेरबाल से एजाज गानाई, बडगाम से अब्दुल राशिद, कुपवाड़ा से एजाज, श्रीनगर से मकसूद राठेड़ ने जरूरतमंदों की मदद का बीड़ा उठाया।

सार

देश के लिए मेडल जीतने वाले कश्मीरी खिलाड़ी जबीना, एजाज, कोच फैजल जैसों ने उठाया बीड़ा 

विस्तार

कश्मीर में वुशू और किक बॉक्सिंग जैसी मार्शल आट्र्स बेहद प्रचलित हैं। इनके खिलाड़ी खासतौर पर अंतराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वालों को वहां हीरो का दर्जा प्राप्त है, लेकिन कोरोना वायरस के दौर में वुशू के खिलाड़ी और कोच कश्मीरियों की असल जिंदगी के हीरो बन गए हैं।

वुशू में अंतरराष्ट्रीय पदक जीतने वाली पहली कश्मीरी महिला जबीना, कोच फैजल डार, अंतरराष्ट्रीय गोल्ड मेडलिस्ट एजाज हसन समेत कई वुशू खिलाड़ी, प्रशिक्षक कश्मीर के ज्यादातर हिस्सों में विधवाओं, गरीबों, किशनगंगा हायड्रो प्रोजेक्ट में काम करने आए यूपी, बिहार के मजदूरों को न सिर्फ राशन मुहैया करा रहे हैं बल्कि  खुद मास्क बनाकर उन्हें वितरित कर रहे हैं। देवदूत की तरह लोगों का सहारा बने इन खिलाड़ियों की संपन्न लोग आर्थिक मदद कर रहे हैं। जिससे इनके अभियान का दायरा और बढ़ गया है।

खुद घर जाकर बांट रहे राशन

बारामुला की जबीना अख्तर लाइन लगवाकर नहीं बल्कि घर-घर जाकर राशन बांट रही हैं। जबीना के मुताबिक सबसे पहले उन्होंने घर पर कुछ वुशू खिलाड़ियों के साथ मिलकर मास्क बनाना शुरू किए। फिर इन्हें वितरित किया, लेकिन सबसे ज्यादा बुरा हाल गुलमर्ग में काम करने वाले मजदूरों का है। यहां टूरिज्म खत्म हो गया है। ये कभी किसी के आगे हाथ नहीं  फैलाते थे, लेकिन अब बुरे हाल में हैं। वह अब तक 130 परिवार को राशन पहुंचा चुकी हैं, साथ ही 60
विधवाओं को सहारा दिया है।

कश्मीर में खेल गतिविधियां चलाने को राष्ट्रपति से शाबाशी हासिल कर चुके और एशिया की फोब्र्स सूची में पहला स्थान पाने वाले बांदीपोरा के कोच फैजल डार अब तक उत्तर कश्मीर में 16 सौ परिवारों की मदद कर चुकेहैं। फैजल जिले में पड़ते किशनगंगा हायड्रो प्रोजेक्ट में काम करने आए यूपी, बिहार के मजदूरों के अलावा अनाथलयों और विधवाओं को राशन किट पहुंचा रहे हैं। साथ ही वह अस्पतालों को पीपीई किट भी मुहैया करा रहे हैं।

जेएंडके वूशु एसोसिएशन ने दी जिम्मेदारी
जम्मू कश्मीर वूशु एसोसिएशन के सीईओए और भारतीय टीम के चीफ कोच कुलदीप हांडू ने राज्य के सभी जिला पदाधिकारियों और खिलाड़ियों से कहा कि वे लोग अपने क्षेत्र में खासे प्रचलित हैं और जरूरतमंदों की मदद कर सकते हैं। जबीना, फैजल और अनंतनाग एजाज हसन के अलावा पुलवामा से मुदस्सिर, गांदेरबाल से एजाज गानाई, बडगाम से अब्दुल राशिद, कुपवाड़ा से एजाज, श्रीनगर से मकसूद राठेड़ ने जरूरतमंदों की मदद का बीड़ा उठाया।

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here