मेडिकल कालेज के 10 और डाक्टरों को संक्रमण से क्लीनचिट

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बांदा। मेडिकल कालेज के 10 डाक्टरों सहित 66 लोगों में कोरोना संक्रमण के लक्षण नहीं पाए गए। उनकी रिपोर्ट निगेटिव आई है। इनमें महानगरों से लौटे मजदूर भी शामिल हैं। उधर, पिछले 24 घंटे में 97 सैंपल जांच के लिए और भेजे गए हैं। शुक्रवार को इनकी रिपोर्ट आने की उम्मीद है। मेडिकल कालेज में गुरुवार को क्वारंटीन वार्ड में 38 और आइसोलेशन वार्ड में 8 मरीज भर्ती थे। उधर, नरैनी के पॉजिटिव युवक की दूसरी रिपोर्ट अभी नहीं आई।
महाराष्ट्र से लौटे नरैनी के युवक को छोड़कर पिछले कई दिनों से रोजाना सैंपल की रिपोर्ट लगातार निगेटिव आ रही हैं। गुरुवार को सुबह आईं सभी 66 रिपोर्ट निगेटिव रहीं। इनमें मेडिकल कालेज के 10 डाक्टर और 13 नर्सिंग स्टाफ शामिल है। उधर, नरैनी नगर के पॉजिटिव युवक के 13 परिजन समेत संक्रमण के संदिग्ध कुल 38 लोगों को मेडिकल कालेज में क्वारंटीन किया गया है। इन सभी के नमूनों की रिपोर्ट का इंतजार है। बुधवार को 75 और गुरुवार को 22 सैंपल जांच के लिए झांसी भेजे गए हैं। देर शाम तक इनकी रिपोर्ट नहीं आई थी।
पैदल लौटाने पर सीएमओ ने दी सफाई
बांदा। नरैनी के पॉजिटिव युवक के खानदानियों को बांदा शहर के कलामत मोहल्ले से मंगलवार की देर रात पुलिस द्वारा एंबुलेंस से मेडिकल कालेज ले जाने और आधी रात को वहां से उन्हें बिना जांच के बैरंग पैदल लौटा दिए जाने पर मीडिया और सोशल मीडिया में आई खबरों से प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की हुई किरकिरी के बाद गुरुवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा.संतोष कुमार ने लिखित रूप से सफाई दी है।
कहा है कि परिजनों को एंबुलेंस से लाया गया था। लेकिन मेडिकल कालेज में बेड खाली न होने से उन्हें वापस भेज दिया गया। सीएमओ का कहना है कि एंबुलेंस की प्रतीक्षा किए बगैर परिजन स्वेच्छा से पैदल वापस चल दिए। कुछ दूर पर एंबुलेंस ने उनकों ले लिया और घर पहुंचाया। अगले दिन इन सभी 13 लोगों को मेडिकल कालेज में भर्ती कर जांच के लिए सैंपल भेजा गया है। गौरतलब है कि इन परिजनों ने गोद लिए मासूम बच्चे, महिलाएं आदि भी थे। इन्हें देर रात पैदल आने में काफी दुश्वारियां हुईं।
मजदूर के लापता होने से हड़कंप
बांदा। छत्तीसगढ़ से पैदल लौटा प्रवासी मजदूर मेडिकल कालेज में जांच से पहले ही लापता हो गया। मेडिकल कालेज प्रशासन में हड़कंप मच गई। पुलिस की मदद से चारों तरफ भागदौड़ कर तलाश शुरू हुई। कुछ ही देर बाद मेडिकल कालेज परिसर में ही युवक मेडिकल कालेज कर्मियों के हत्थे चढ़ गया। मेडिकल कालेज प्रधानाचार्य डा. मुकेश कुमार यादव ने बताया कि उसका नमूना लेकर जांच को भेजा गया है और उसे मेडिकल कालेज में क्वारंटीन किया गया है।
31 प्रवासी मजदूरों का अस्पताल में हुआ चेकअप
बांदा। लॉकडाउन में महानगरों में फंसे प्रवासी मजदूरों का पैदल या विभिन्न साधनों से गृह जनपद लौटने का सिलसिला बरकरार है। गुरुवार को लगभग 31 प्रवासी मजदूर अलग-अलग जत्थों में यहां पहुंचे और जिला अस्पताल में स्वास्थ्य परीक्षण कराया। उन्हें होम क्वारंटीन की हिदायत दी गई है।
गैर प्रांतों में फंसे मजदूरों को लाने के लिए शासन द्वारा भले ही व्यवस्था की जा रही हो, लेकिन परेशानहाल मजदूर पैदल या विभिन्न साधनों के सहारे गृह जनपद पहुंच रहे हैं। बृहस्पतिवार को हैदराबाद से 9, दिल्ली से 6, कर्नाटक व गुजरात से 4-4 और हरियाणा से 3 सहित विभिन्न महानगरों से मजदूर जिला अस्पताल पहुंचे।
कोरोना वार्ड चिकित्साधिकारी डा.हृदयेश पटेल ने सभी की स्कैनिंग की। उधर, जिला अस्पताल के फ्लू ओपीडी और ट्रामा सेंटर में 239 मरीजों ने पंजीकरण कराया। इनमें 21 लोगों में बुखार और 13 में सर्दी-खांसी के लक्षण पाए गए। उन्हें होम क्वारंटीन की सलाह दी गई है। साथ ही इन मरीजों का पूरा ब्योरा दर्ज कर अस्पताल प्रशासन ने उच्चाधिकारियों को सूचना भेजी है।

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