मुंबई: कोरोना से हेड कॉन्स्टेबल की मौत, अस्पतालों ने भर्ती करने से कर दिया था इनकार

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कोरोना वायरस के संक्रमण से देश का सबसे प्रभावित राज्य महाराष्ट्र है। यहां के मुंबई शहर में कोरोना वायरस के कारण लगातार तीसरे दिन एक और पुलिसकर्मी की मौत हो गई। सोमवार को एक 56 वर्षीय हेड कॉन्सटेबल ने इलाज के दौरान अस्पताल में दम तोड़ दिया। हैरानी की बात यह सामने आई है कि, कई सरकारी अस्पतालों में इस पुलिसकर्मी को इलाज के लिए भर्ती करने से इनकार कर दिया गया था। बता दें कि, मुंबई में अब तक कोरोना से तीन पुलिस कर्मियों की जान जा चुकी है।

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मुंबई में हेड कॉन्स्टेबल शिवाजी सोनवणे ने कोरोना से जिंदगी की जंग लड़ते हुए जान गंवा दी। सोनवणे मुंबई पुलिस के कुर्ला ट्रैफिक डिविजन में थे। मुंबई पुलिस जानकारी देते हुए शिवाजी नारायण सोनवणे के निधन पर दुख जताया और श्रद्धांजलि दी। मुंबई पुलिस विभाग में कोरोना से यह तीसरी मौत है।

एक अधिकारी ने दावा किया है कि, हेड कांस्टेबल के कोरोना संक्रमित होने की जानकारी मिलने पर कई सरकारी अस्पतालों ने उन्हें भर्ती करने से मना कर दिया था। इसके बाद परेल इलाके में स्थित केईएम अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। अधिकारी का दावा है कि बुखार महसूस होने पर वह शुक्रवार को सबसे पहले घाटकोपर में राजावाड़ी अस्पताल गए। वहां डॉक्टरों ने उन्हें कस्तूरबा अस्पताल जाने को कहा। यहां भी उन्हें भर्ती करने से मना किया गया। इसके बाद वह नैयर अस्पताल गए, जिसने उन्हें केईएम अस्पताल जाने के लिए कहा।

अधिकारी ने बताया, दोबारा जब हेड कॉन्स्टेबल कस्तूरबा अस्पताल जाने को कहा गया तो कुर्ला यातायात मंडल के वरिष्ठ निरीक्षक ने हस्तक्षेप कर उन्हें केईएम में भर्ती करवाया। कॉन्स्टेबल शुक्रवार को संक्रमित पाए गए थे। इससे पहले शनिवार को एक कांस्टेबल की और रविवार को भी एक पुलिसकर्मी की मौत हुई थी|

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