दिल्ली में अजान पर पाबंदी नहीं, शाही इमाम बोले- नमाज पढ़ते वक्त भी कमरे में 3 से ज्यादा लोग न रहें; हैदराबाद, कोलकाता में इमामों ने कहा- इबादत घर में ही करें, इफ्तार गरीबों में बांटें

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  • जामा मस्जिद और फतेहपुरी मस्जिद के शाही इमामों ने कहा- लॉकडाउन का पालन करें
  • हैदराबाद, चेन्नई, रांची, भोपाल और लखनऊ में सभी मस्जिदें इबादत के लिए बंद रहेंगी

मुंबई/नई दिल्ली. लॉकडाउन के बीच रमजान का पवित्र महीना शनिवार से शुरू हो सकता है। कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के कुछ तटीय जिलों में गुरुवार को चांद का दीदार हो चुका है। इस वजह से इन जगहों पर 24 अप्रैल से रमजान का महीना शुरू हो गया। जबकि देश के बाकी हिस्सों में आज चांद दिखाई दे सकता है। अगर ऐसा हुआ तो शनिवार से रोजा रखे जाने की उम्मीद है।

कोरोना संक्रमण की वजह से यह महीना बंदिशों के बीच गुजरेगा। दिल्ली से तमिलनाडु और ओडिशा से गुजरात तक सभी जगहों पर इस दौरान लोगोंं से घरों में रहने की अपील की जा रही है। यही वजह है कि तरावीह और नमाज घरों में होगी। घर ही में 5 वक्त की नमाज पढ़ सकेंगे। परिवार के साथ सहरी और इफ्तार कर सकते हैं। इसे गरीबों में बांट सकते हैं।

शाही इमाम बोले- पड़ोसी को नमाज के लिए घर न बुलाएं

इस बीच, दिल्ली की जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी ने कहा- मैं आप सभी से अपील करता हूं कि रमजान के दौरान नमाज के लिए अपने पड़ोसियों को अपने घर न बुलाएं। यह सुनिश्चित करें कि एक कमरे में 3 से ज्यादा लोग न हों। तब भी जब आप परिवार के साथ नमाज पढ़ रहे हों। कोरोनावायरस तभी खत्म होगा, जब हम सभी साथ मिलकर इसका सामना करेंगे।

दिल्ली: अजान पर पाबंदी नहीं होगी 

राजधानी में लॉकडाउन की वजह से रमजान के दौरान अजान पर पाबंदी नहीं होगी। डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने इसकी पुष्टि की। हालांकि, मस्जिद में आने पर रोक रहेगी। जामा मस्जिद और फतेहपुरी मस्जिद के शाही इमामों ने कहा कि लॉकडाउन का सबको पालन करना है। घर में ही इबादत करनी है। यही वजह रही है कि जामा मस्जिद समेत दूसरे मुस्लिम बहुल इलाकों में आज रौनक नहीं दिखी। दिल्ली पुलिस ने सहयोग देने की अपील की। जामा मस्जिद इलाके में रहने वाले शकील अहमद ने कहा कि हमारा परिवार रमजान महीने के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करेगा और जरूरतमंदों को खाना बांटेगा।

यह तस्वीर जामा मस्जिद की है। यहां पुलिस की तैनाती की गई है। लोगों से मस्जिद नहीं आने की अपील की जा रही है। राजधानी में संक्रमण के 2376 केस सामने आ चुके हैं। 50 मौतें हो चुकी हैं।  

मुंबई: 250 साल के इतिहास में पहली बार मोहम्मद अली रोड रमजान के महीने में सूनी होगी

देश में कोरोना संक्रमण से मुंबई सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। यहां संक्रमितों की संख्या दो हजार के पार जा चुकी है। यही वजह है कि यहां भी कई बंदिशें हैं। यहां भी रमजान के महीने में बाजारों में चहल-पहल कम दिखेगी। मुंबई की विश्व प्रसिद्ध मोहम्मद अली रोड का स्ट्रीट फूड बाजार इस रमजान में वीरान रहेगा। ऐसा 250 साल के इतिहास में पहली बार होगा। यहां 400 से ज्यादा से नॉन-वेजेटेरियन लजीज व्यंजन का लोग लुफ्त नहीं उठा सकेंगे। 1993 में धमाकों के दौरान भी यह बाजार बंद नहीं हुआ था।

मोहम्मद अली रोड लॉकडाउन की वजह से सूनी है। आम दिनों में यहां भारी भीड़ होती है।
मोहम्मद अली रोड का यह फोटो 2019 के रमजान महीने का है।

कोलकाता: सभी मस्जिदें बंद रहेंगी 
लॉकडाउन के दौरान शहर की सभी मस्जिदों को बंद करने का फैसला किया गया है। अल्पसंख्यक बहुल पोर्ट प्रशासनिक विभाग ने यह फैसला किया गया। हालांकि, शुक्रवार को आज शहर के कई इलाकों में दुकानों पर लोग खरीदारी करते दिखे।

कोलकाता का बाजार। यहां शुक्रवार को फल विक्रेताओं को दुकान लगाने की छूट दी गई।

हैदराबाद: सुबह से की जा रही घरों में रहने की अपील 
हैदराबाद में मुस्लिम संगठनों और इमामों ने शुक्रवार सुबह से ही लोगों को घर में रहने की अपील की। एआईएमआईएम प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि आज शाम 7 बजे से कर्फ्यू शुरू हो जाएगा। इसलिए घर में रहें और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। हालांकि, मक्का मस्जिद समेत शहर की तमाम मस्जिद बंद हैं। यहां किसी को भी आने की इजाजत नहीं है।

यह तस्वीर मक्का मस्जिद की है। यह पहले फेज के लॉकडाउन से ही बंद है।

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