शिरडी से आए 500 प्रवासी मजदूर

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लखीमपुर खीरी। रविवार को भी शिरडी से मजदूरों को लेकर एक स्पेशल ट्रेन सीतापुर रेलवे स्टेशन पहुंची, जहां से 500 श्रमिकों को बसों से लखीमपुर लाया गया। जबकि शनिवार को रात तक करीब 1500 प्रवासी श्रमिक यहां पहुंचे।

इस तरह मई में महाराष्ट्र, गुजरात, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, आंध्र प्रदेश, केरल समेत अन्य राज्यों से 15,092 प्रवासी मजदूर जनपद के अलग-अलग गांवों में लौटे हैं, जिनमें सबसे अधिक संख्या महाराष्ट्र से आए प्रवासी मजदूरों की है। इस तरह लॉकडाउन के बाद से अब तक कुल 35,215 प्रवासी श्रमिक दूसरे जिलों/राज्यों से लौट चुके हैं।
महाराष्ट्र समेत दूसरे राज्यों से आने वाले प्रवासियों का सिलसिला अभी जारी है। इनमें से 27 प्रवासी मजदूर कोरोना संक्रमित पाए गए हैं, जबकि अभी कई प्रवासियों की मेडिकल रिपोर्ट आना बाकी है। इससे अभी और नए केस मिलने की संभावना बढ़ गई हैं, क्योंकि सबसे अधिक महाराष्ट्र से प्रवासी मजदूर आए हैं, इनमें धारावी से आए मजदूर भी शामिल हैं, जिसके चलते जनपद ग्रीन से रेड जोन की स्थिति में पहुंच गया हैै। सबसे ज्यादा खतरा ऐसे प्रवासी श्रमिकों से बढ़ गया है, जो बिना सूचना के पैदल या साइकिल से अपने गांव पहुंच रहे हैं। डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि 13,748 प्रवासी श्रमिकों को होम क्वारंटीन किया गया है। जबकि संदिग्ध लक्षणों वाले 77 प्रवासी श्रमिकों को क्वारंटीन सेंटरों पर रखा गया है। उन्होंने बताया कि दूसरे राज्यों से आने वाले प्रवासी श्रमिकों की स्क्रीनिंग होम में जांच के बाद ठीक पाए गए कामगारों को उनके घरों में होम क्वारंटीन किया जा रहा है।
कोई बच्चों को लेकर पैदल तो कोई वाहनों से लौट रहा घर
मैगलगंज लखनऊ-दिल्ली नेशनल हाईवे पर प्राइवेट वाहनों जैसे पिकअप, ट्रैक्टर ट्रॉली आदि से प्रवासी मजदूरों के अपने गांव लौटने का सिलसिला तेज हो गया है। जहां कहीं छाया या पानी की व्यवस्था दिखाई देती है, वहीं पर इन लोगों का काफिला इकट्ठा हो जाता है। कोरोना पॉजिटिव प्रवासी श्रमिकों की संख्या बढ़ने से इन प्रवासी श्रमिकों का चोरी-छिपे घर पहुंचना खतरनाक हो सकता है। क्योंकि यह लोग पिकअप, ट्रकों में भरकर एक साथ सैकड़ों की संख्या में आ रहे हैं, जिससे इनके बीच सामाजिक दूरी का पालन भी नहीं हो रहा है। इधर महेवागंज क्षेत्र में पैदल बच्चों को लेकर परिवार के लोग अपने घरों को जाते दिखे।
बसों से घर लौट रहे प्रवासी श्रमिकों को कराया भोजन
बांकेगंज गोला-खुटार हाईवे से तीन रोडवेज बसों में सवार होकर जा रहे करीब 70 प्रवासी श्रमिकों को रविवार दोपहर बांकेगंज युवा सेना के कार्यकर्ताओं ने संसारपुर के निकट बसें रोककर उन्हें भोजन सामग्री के पैकेट दिए। यह मजदूर गुजरात और हरिद्वार से बसों में बैठकर मुजफ्फर नगर और बहराइच जिले के गांवों में अपने घरों को वापस लौट रहे थे। कई दिनों से भूखे मजदूरों को जब लंच पैकैट मिले तो उनके चेहरे खिल उठे। युवा सेना के संयोजक शाश्वत मिश्रा, शिवा वाजपेयी, शबील मिर्जा आदि मौजूद रहे।
पैदल आ रहे प्रवासी श्रमिकों को स्क्रीनिंग होम में भेजने के निर्देश
डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने पैदल या ट्रक, पिकअप आदि प्राइवेट वाहनों में सवार होकर आ रहे प्रवासी श्रमिकों को रोककर तहसील मुख्यालयों पर स्थापित स्क्रीनिंग होम ले जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी एसडीएम और सीओ को निर्देश देते हुए कहा है कि स्क्रीनिंग होम में उनकी सघन मेडिकल स्क्रीनिंग कराते हुए सूचीबद्ध करें और बसों के माध्यम से जिला मुख्यालय भेजवाएं। जिन प्रवासी श्रमिकों को अन्य जिलों को जाना है उन्हें भी उनके गंतव्य तक बसों से भिजवाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए

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