प्रवासी कामगारों की बस डिवाइडर से टकराकर पलटी, दुर्घटना में 11 कामगार घायल, बस में सवार 20 श्रमिकों को आईं चोटें

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कालपी फोरलेन पर पलटी रोडवेज बस।
– फोटो : HAMIRPUR

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हमीरपुर। नोएडा सेक्टर-दो से महोबा और छतरपुर के यात्रियों को लेकर आ रही कौशांबी डिपो की बस शहर में सिटी फारेस्ट के पास सोमवार सुबह साढ़े पांच बजे कालपी फोरलेन पर डिवाइडर से टकराकर पलट गई। हादसे के बाद यात्रियों में चीख पुकार मच गई।
बस के आगे का शीशा टूटने से श्रमिक बाहर निकले। हादसे में 11 प्रवासी घायल हो गए, जबकि 20 को मामूली चोटें आई हैं। हादसे के बाद कई श्रमिकों ने चालक की पिटाई कर दी। घटना की सूचना पर डीएम व एसपी पहुंचे। घायलों को एंबुलेंस से सदर अस्पताल भेजा। चालक ने अधिकारियों से बताया उसे झपकी लग गई थी।
कौशांबी डिपो के बस चालक रवींद्र सिंह ने डीएम ज्ञानेश्वर त्रिपाठी व एसपी श्लोक कुमार को बताया वह रविवार दोपहर करीब 2:30 बजे नोएडा सेक्टर-2 से 50 कामगारों को लेकर निकला था। जिसमें जालौन के कामगारों को उतारने के बाद 31 लोगों को लेकर महोबा जा रहा था। कालपी फोरलेन पर उसे झपकी लग गई। जिससे बस डिवाइडर से टकराकर पलट गई है।
बताया उसके साथ दूसरा चालक राजकुमार बस में सो रहा था। परिचालक आशुतोष भी साथ में है। हादसे में महोबा जिले के हरीबाबू (32) निवासी तिलवापुरवा (चरखारी), शंकरलाल (30) ग्राम शंभुआ (चरखारी), जगमोहन (24) व उसकी पत्नी नीलम प्रजापति (22) निवासी कनेरी (चरखारी), वीरेंद्र (35) व उसकी पत्नी शिववती (32) निवासी कनेरी (चरखारी), अफ्तार (17) पुत्री रफीक मोहम्मद व उसकी चाची जैतून (50) पत्नी रईश निवासी बजरिया महोबा, सुरेंद्र शुक्ला (34) निवासी बरहा गौरिहार जनपद छतरपुर (एमपी), लालू (29) व उसकी पत्नी सुमन (28) निवासी चंदला छतरपुर (एमपी) घायल हुए हैं।
घायल व जख्मी मजदूरों का सदर अस्पताल में इलाज हुआ। जख्मी लोगों को इलाज के बाद दूसरी बस से महोबा भेजा गया। घायलों का इलाज के बाद भोजन कराया गया और फिर बस से रवाना किया गया।
ऊपर वाले ने बचा लिया
हादसे में दंपति लालू व उसकी पत्नी सुमन को चोटें आईं। वह दोनों एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचे तो उनके साथ बेटी मालती (6), सुनील (4), अमित (2) व संध्या (10 माह) भी थे। भूख-प्यास से बच्चे बेहाल थे। यह देख एसडीएम राजेश कुमार चौरसिया ने बच्चों को नाश्ता कराया। केले और पानी की बोतल दी। वहीं सदर अस्पताल में महोबा निवासी अफ्तार ने बताया वह चाचा रईश के पास नोएडा गईं थीं। वहां लॉकडाउन में फंस गईं। बताया चाचा के दो बच्चे महोबा में परीक्षा देने आए थे, वह यहां फंस गए। बच्चों के अकेले होने के कारण चाची जैतून परेशान थी। साधन मिलने पर नोएडा से महोबा आ रहे थे। कहा ऊपर वाले ने उन्हें बचा लिया।

बस चालक को पीटते प्रवासी मजदूर।

बस चालक को पीटते प्रवासी मजदूर।- फोटो : HAMIRPUR

घटना स्थल पर बस चालक से जानकारी लेते डीएम व एसपी।

घटना स्थल पर बस चालक से जानकारी लेते डीएम व एसपी।- फोटो : HAMIRPUR

घायलों के नाम नोट करता स्वास्थ्य कर्मी।

घायलों के नाम नोट करता स्वास्थ्य कर्मी।- फोटो : HAMIRPUR

हमीरपुर। नोएडा सेक्टर-दो से महोबा और छतरपुर के यात्रियों को लेकर आ रही कौशांबी डिपो की बस शहर में सिटी फारेस्ट के पास सोमवार सुबह साढ़े पांच बजे कालपी फोरलेन पर डिवाइडर से टकराकर पलट गई। हादसे के बाद यात्रियों में चीख पुकार मच गई।

बस के आगे का शीशा टूटने से श्रमिक बाहर निकले। हादसे में 11 प्रवासी घायल हो गए, जबकि 20 को मामूली चोटें आई हैं। हादसे के बाद कई श्रमिकों ने चालक की पिटाई कर दी। घटना की सूचना पर डीएम व एसपी पहुंचे। घायलों को एंबुलेंस से सदर अस्पताल भेजा। चालक ने अधिकारियों से बताया उसे झपकी लग गई थी।

कौशांबी डिपो के बस चालक रवींद्र सिंह ने डीएम ज्ञानेश्वर त्रिपाठी व एसपी श्लोक कुमार को बताया वह रविवार दोपहर करीब 2:30 बजे नोएडा सेक्टर-2 से 50 कामगारों को लेकर निकला था। जिसमें जालौन के कामगारों को उतारने के बाद 31 लोगों को लेकर महोबा जा रहा था। कालपी फोरलेन पर उसे झपकी लग गई। जिससे बस डिवाइडर से टकराकर पलट गई है।

बताया उसके साथ दूसरा चालक राजकुमार बस में सो रहा था। परिचालक आशुतोष भी साथ में है। हादसे में महोबा जिले के हरीबाबू (32) निवासी तिलवापुरवा (चरखारी), शंकरलाल (30) ग्राम शंभुआ (चरखारी), जगमोहन (24) व उसकी पत्नी नीलम प्रजापति (22) निवासी कनेरी (चरखारी), वीरेंद्र (35) व उसकी पत्नी शिववती (32) निवासी कनेरी (चरखारी), अफ्तार (17) पुत्री रफीक मोहम्मद व उसकी चाची जैतून (50) पत्नी रईश निवासी बजरिया महोबा, सुरेंद्र शुक्ला (34) निवासी बरहा गौरिहार जनपद छतरपुर (एमपी), लालू (29) व उसकी पत्नी सुमन (28) निवासी चंदला छतरपुर (एमपी) घायल हुए हैं।
घायल व जख्मी मजदूरों का सदर अस्पताल में इलाज हुआ। जख्मी लोगों को इलाज के बाद दूसरी बस से महोबा भेजा गया। घायलों का इलाज के बाद भोजन कराया गया और फिर बस से रवाना किया गया।
ऊपर वाले ने बचा लिया
हादसे में दंपति लालू व उसकी पत्नी सुमन को चोटें आईं। वह दोनों एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचे तो उनके साथ बेटी मालती (6), सुनील (4), अमित (2) व संध्या (10 माह) भी थे। भूख-प्यास से बच्चे बेहाल थे। यह देख एसडीएम राजेश कुमार चौरसिया ने बच्चों को नाश्ता कराया। केले और पानी की बोतल दी। वहीं सदर अस्पताल में महोबा निवासी अफ्तार ने बताया वह चाचा रईश के पास नोएडा गईं थीं। वहां लॉकडाउन में फंस गईं। बताया चाचा के दो बच्चे महोबा में परीक्षा देने आए थे, वह यहां फंस गए। बच्चों के अकेले होने के कारण चाची जैतून परेशान थी। साधन मिलने पर नोएडा से महोबा आ रहे थे। कहा ऊपर वाले ने उन्हें बचा लिया।

बस चालक को पीटते प्रवासी मजदूर।

बस चालक को पीटते प्रवासी मजदूर।- फोटो : HAMIRPUR

घटना स्थल पर बस चालक से जानकारी लेते डीएम व एसपी।

घटना स्थल पर बस चालक से जानकारी लेते डीएम व एसपी।- फोटो : HAMIRPUR

घायलों के नाम नोट करता स्वास्थ्य कर्मी।

घायलों के नाम नोट करता स्वास्थ्य कर्मी।- फोटो : HAMIRPUR

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