विदेशी निवेशकों ने भारत से निकाले 16 अरब डॉलर, लेकिन 2020 में विकास दर रहेगी सकारात्मक

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कोरोना वायरस महामारी के कारण वैश्विक आर्थिक मंदी के बीच विदेशी निवेशकों ने एशियाई अर्थव्यवस्थाओं से लगभग 26 अरब अमेरिकी डॉलर और भारत से 16 अरब अमेरिकी डॉलर निकाले। अमेरिकी कांग्रेस की एक रिपोर्ट में यह बात कही गई।

अमेरिकी कांग्रेस के स्वतंत्र शोध केंद्र ने कोविड-19 के वैश्विक आर्थिक प्रभावों के बारे में अपनी ताजा रिपोर्ट में कहा कि विदेशी निवेशकों ने विकासशील एशियाई अर्थव्यवस्थाओं से लगभग 26 अरब डॉलर और भारत से 16 अरब डॉलर से अधिक राशि बाहर निकाली। 

रिपोर्ट में कहा गया है कि यूरोप में जर्मनी, फ्रांस, ब्रिटेन, स्पेन और इटली में तीन करोड़ से अधिक लोगों ने सरकारी सहायता के लिए आवेदन किया है। वर्ष 2020 की पहली तिमाही के आंकड़ों से संकेत मिलता है कि यूरोक्षेत्र की अर्थव्यवस्था में 3.8 फीसदी की कमी हुई है, 1995 से अब तक की सबसे बड़ी गिरावट है।

रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका में 2020 की पहली तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद में 4.8 फीसदी की गिरावट आई है, जो 2008 के वैश्विक वित्तीय संकट के बाद सबसे बड़ी गिरावट है।

शोध केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार लगभग सभी प्रमुख अर्थव्यवस्थाएं कोरोना वायरस के प्रकोप से नुकसान में हैं, लेकिन केवल तीन देशों चीन, भारत और इंडोनेशिया की विकास दर 2020 में सकारात्मक रहने का अनुमान है।

सार

  • विदेशी निवेशकों ने एशियाई अर्थव्यवस्थाओं से 26 अरब डॉलर निकाले
  • अकेले भारत से 16 अरब डॉलर निकाले गए
  • 2020 में भारत की विकास दर के सकारात्मक रहने का अनुमान

विस्तार

कोरोना वायरस महामारी के कारण वैश्विक आर्थिक मंदी के बीच विदेशी निवेशकों ने एशियाई अर्थव्यवस्थाओं से लगभग 26 अरब अमेरिकी डॉलर और भारत से 16 अरब अमेरिकी डॉलर निकाले। अमेरिकी कांग्रेस की एक रिपोर्ट में यह बात कही गई।

अमेरिकी कांग्रेस के स्वतंत्र शोध केंद्र ने कोविड-19 के वैश्विक आर्थिक प्रभावों के बारे में अपनी ताजा रिपोर्ट में कहा कि विदेशी निवेशकों ने विकासशील एशियाई अर्थव्यवस्थाओं से लगभग 26 अरब डॉलर और भारत से 16 अरब डॉलर से अधिक राशि बाहर निकाली।
रिपोर्ट में कहा गया है कि यूरोप में जर्मनी, फ्रांस, ब्रिटेन, स्पेन और इटली में तीन करोड़ से अधिक लोगों ने सरकारी सहायता के लिए आवेदन किया है। वर्ष 2020 की पहली तिमाही के आंकड़ों से संकेत मिलता है कि यूरोक्षेत्र की अर्थव्यवस्था में 3.8 फीसदी की कमी हुई है, 1995 से अब तक की सबसे बड़ी गिरावट है।

रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका में 2020 की पहली तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद में 4.8 फीसदी की गिरावट आई है, जो 2008 के वैश्विक वित्तीय संकट के बाद सबसे बड़ी गिरावट है।

शोध केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार लगभग सभी प्रमुख अर्थव्यवस्थाएं कोरोना वायरस के प्रकोप से नुकसान में हैं, लेकिन केवल तीन देशों चीन, भारत और इंडोनेशिया की विकास दर 2020 में सकारात्मक रहने का अनुमान है।

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