Covid-19: इस देश में बिना रुके खोदी जा रहीं कब्रें, रेफ्रिजरेटर ट्रक में रखे जा रहे शवों के ऊपर शव 

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दक्षिण और मध्य अमरीका में कोरोना वायरस की वजह से संकट गहराता जा रहा है। ब्राजील की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था चरमराने की कगार पर है। शुरुआत में यहां कोरोना वायरस को गंभीरता से नहीं लिया गया। यही नहीं ब्राजील के राष्ट्रपति जायर बोलसोनारो कोरोना वायरस को हल्की सर्दी-खांसी बोलकर इसके खतरे को कम करके आंक रहे थे, लेकिन अब यहां हाल ये हैं कि मनौस शहर के एक अस्पताल के रेफ्रिजरेटर ट्रक में शवों के ऊपर शव रखे जा रहे हैं और बुलडोजरों को सामूहिक कब्र बनाने में लगा दिया गया है।

बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार स्वास्थ्य मंत्रालय ने अब तक करीब 53,000 कोरोना के मामलों और 3600 मौतों की पुष्टि की है, लेकिन हकिकत इससे कौसो आगे है। वहीं विशेषज्ञों का कहना है कि देश में संसाधनों की कमी के कारण टेस्टिंग कम की जा रही है। टेस्टिंग कम होने का मतलब है कि संक्रमण की वास्तविक संख्या इससे बहुत अधिक है। इस बात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ब्राजील में ही हर दिन मरने वालों की संख्या 20 से बढ़कर 100 हो गई है। मनौस के अधिकारियों ने बताया है कि कब्रिस्तान में सामूहिक कब्रें खोदने की हालत पैदा हो गए हैं। कब्र खोदने वालों को एक दिन में 100 लाशें दफनानी पड़ रही है।

ब्राजील में बिना रुके खोदी जा रहीं कब्रें
लेटिन अमेरिका का सबसे बड़ा कब्रिस्तान इन दिनों सबसे व्यस्त है। यहां काम करने वाले लोग इन दिनों कब्रें खोदने में व्यस्त हैं और ये लोग आने वाले समय के लिए खुद का तैयार कर रहे हैं। संक्रमण के कारण मरने वालों की संख्या मई या जून अपने सबसे उच्चतम स्तर पर पहुंच सकी है। इस कारण यहां लगातार कब्रों को खोदने का काम किया जा रहा है। कब्र खोदने वाले विल्स ने बताया कि नगर पालिका ने 5,000 से ज्यादा बॉडी बैग्स खरीदें हैं।

अस्पतालों में पहुंच रहे मरीजों का ही किया जा रहा टेस्ट
ब्राजील में हजारों टेस्ट लंबित पड़े हैं, क्योंकि टेस्ट की जरूरी चीजों के लिए देश संघर्ष कर रहा है। इसका कारण दुनिया भर में कोरोना के टेस्ट के लिए मेडि​कल किट की मांग बढ़ी हुई। यहां एक डॉक्टर ने बताया कि हम अभी इस समस्या का छोटा सा हिस्सा देख पा रहे हैं, क्योंकि ब्राजील में अब भी उन्हीं लोगों का टेस्ट किया जा रहा है, जो अस्पताल जाते हैं और वहीं रहते हैं। ऐसे में हमें ज्यादा गंभीर मामलों का पता तो चल जाता है, लेकिन हमें यह नहीं पता आबादी में ये वायरस कैसे फैल रहा है। ऐसे में देश में आने वाले समय में ओर भी कठिन हालात होने वाले हैं।

राष्ट्रपति ही कोरोना वायरस को लेकर लापरवाह
बता दें कि लॉकडाउन हटाने को लेकर देश में जारी प्रदर्शनों को राष्ट्रपति भी समर्थन दे रहे हैं। यहां के विशेषज्ञों का मानना है कि जिस देश का राष्ट्रपति स्वास्थ्य से संबंधी दिशा निर्देर्शों की परवाह न करता हो तो वहां के लोग सोशल डिस्टेन्सिंग को कितनी गंभीरता से लेंगे, लेकिन देश को इसकी सबसे ज्यादा जरुरत है। इस बीच ब्राजील में न दफनाने का सिलसिला रुक रहा है और न ही लोगों का अपनों को खोने का गम थम रहा है।

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