कोरोना संक्रमण से पूरी तरह महफूज हैं दुधवा के गैंडे

0
44

बांकेगंज (लखीमपुर खीरी)। कोरोना संक्रमण से जूझ रही दुनिया में दुर्लभ वन्यजीवों को कोरोना संक्रमण से बचाने की कवायद तेज हो गई है। इसी के चलते वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से जारी गाइड लाइन के तहत दुधवा टाइगर रिजर्व प्रशासन में बाघों, हाथियों और गैंडों को बचाने के लिए विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
दुधवा टाइगर रिजर्व में 1984 से गैंडा पुनर्वासन योजना चल रही है। दो साल पहले गैंडो को नया घर देकर गैंडा पुनर्वासन योजना फेज 2 शुरू किया गया। फील्ड डायरेक्टर संजय पाठक का कहना है कि सोनारीपुर रेंज में करीब 1500 सौ हेक्टेयर क्षेत्रफल में चल रही गैंडा पुनर्वासन योजना में रह रहे 40 गैंडों को कोरोना संक्रमण से महफूज रखने के लिए हाथियों के जरिए उनकी निगरानी कराई जा रही है। साथ ही उस क्षेत्र में 15 जोड़ी कैमरे वीडियो मोड पर लगाए गए हैं। इन कैमरों से समय-समय पर डाटा अपलोड कर विशेषज्ञ पशु चिकित्सक और वनाधिकारी अध्ययन करने के बाद इस बात का पता लगाते हैं कि किसी नर-मादा गैंडों के अलावा उनके शावकों में नाक बहने, खांसी आदि आने के कोई लक्षण तो नहीं हैं। इस बात का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है कि गैंडों की निगरानी में लगी वन कर्मियों की टीम के सदस्य पूरी तरह स्वस्थ हैं। इसके अलावा वन कर्मियों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि स्वास्थ्य संबंधी कोई परेशानी होने पर वे निगरानी टीम में शामिल न हो। ऐसे कर्मचारी अपने घरों में रहें। कहा गया है कि उनके वेतन में कोई भी कटौती नहीं की जाएगी। फिलहाल अब तक किसी भी गैंडे में कोराना संक्रमण के किसी प्रकार के कोई लक्षण नहीं पाए गए हैं।
————-
गैंडा पुनर्वासन योजना की विशेष निगरानी के लिए वन कर्मियों की टीमें लगाई गई हैं। हालांकि दुधवा के गैंडों में कोरोना संक्रमण की कोई आशंका नहीं हैं, फिर भी सतर्कता बरती जा रही है।
-संजय पाठक, फील्ड डायरेक्टर, दुधवा टाइगर रिजर्व

बांकेगंज (लखीमपुर खीरी)। कोरोना संक्रमण से जूझ रही दुनिया में दुर्लभ वन्यजीवों को कोरोना संक्रमण से बचाने की कवायद तेज हो गई है। इसी के चलते वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से जारी गाइड लाइन के तहत दुधवा टाइगर रिजर्व प्रशासन में बाघों, हाथियों और गैंडों को बचाने के लिए विशेष सतर्कता बरती जा रही है।

दुधवा टाइगर रिजर्व में 1984 से गैंडा पुनर्वासन योजना चल रही है। दो साल पहले गैंडो को नया घर देकर गैंडा पुनर्वासन योजना फेज 2 शुरू किया गया। फील्ड डायरेक्टर संजय पाठक का कहना है कि सोनारीपुर रेंज में करीब 1500 सौ हेक्टेयर क्षेत्रफल में चल रही गैंडा पुनर्वासन योजना में रह रहे 40 गैंडों को कोरोना संक्रमण से महफूज रखने के लिए हाथियों के जरिए उनकी निगरानी कराई जा रही है। साथ ही उस क्षेत्र में 15 जोड़ी कैमरे वीडियो मोड पर लगाए गए हैं। इन कैमरों से समय-समय पर डाटा अपलोड कर विशेषज्ञ पशु चिकित्सक और वनाधिकारी अध्ययन करने के बाद इस बात का पता लगाते हैं कि किसी नर-मादा गैंडों के अलावा उनके शावकों में नाक बहने, खांसी आदि आने के कोई लक्षण तो नहीं हैं। इस बात का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है कि गैंडों की निगरानी में लगी वन कर्मियों की टीम के सदस्य पूरी तरह स्वस्थ हैं। इसके अलावा वन कर्मियों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि स्वास्थ्य संबंधी कोई परेशानी होने पर वे निगरानी टीम में शामिल न हो। ऐसे कर्मचारी अपने घरों में रहें। कहा गया है कि उनके वेतन में कोई भी कटौती नहीं की जाएगी। फिलहाल अब तक किसी भी गैंडे में कोराना संक्रमण के किसी प्रकार के कोई लक्षण नहीं पाए गए हैं।

————-

गैंडा पुनर्वासन योजना की विशेष निगरानी के लिए वन कर्मियों की टीमें लगाई गई हैं। हालांकि दुधवा के गैंडों में कोरोना संक्रमण की कोई आशंका नहीं हैं, फिर भी सतर्कता बरती जा रही है।
-संजय पाठक, फील्ड डायरेक्टर, दुधवा टाइगर रिजर्व

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here