उत्तरकाशी: अवैध पोस्त की खेती करने पर 11 ग्रामीणों पर मुकदजा दर्ज, निगरानी को अब होगा ड्रोन का इस्तेमाल

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उत्तराखंड के उत्तरकाशी में राजस्व पुलिस ने पुरोला प्रखंड के मटियाली छानी क्षेत्र में अवैध पोस्त की खेती नष्ट करा दी। मामले में 11 ग्रामीणों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

यमुनोत्री धाम से लौटते समय एसडीएम मनीष कुमार को गैंड ग्राम पंचायत के मटियाली छानी तोक में कमल नदी से लगे खेतों में अवैध पोस्त की खेती नजर आयी। उन्होंने तत्काल राजस्व विभाग की टीम को मौके पर बुलाया। टीम ने यहां करीब पौने सात नाली जमीन पर हो रही अवैध खेती को नष्ट कराया।

उन्होंने बताया कि पोस्त से अफीम तैयार की जाती है और इसकी खेती प्रतिबंधित है। मामले में अजयपाल सिंह, सुमित्रा, केदार सिंह, पिठानिया, कृपाल सिंह, संदीप, तारीफ देवी, जीत सिंह, प्रेम सिंह, भजन सिंह एवं रमेश के खिलाफ केस कराया गया है। इससे ग्रामीणों में हड़कंप है।

अब ड्रोन का होगा इस्तेमाल
एसडीएम मनीष कुमार ने बताया कि क्षेत्र से कई बार पोस्त की अवैध खेती की शिकायत मिलती है। ज्यादातर ऊंचे और दुर्गम स्थानों पर पोस्त की खेती की जाती है। इसका पता लगाने के लिए अब प्रशासन ड्रोन का इस्तेमाल करेगा।

सार

  • ग्रामीणों पर एनडीपीएस एक्ट में दर्ज कराया गया मुकदमा
  • पोस्त से ही तैयार की जाती है अफीम

विस्तार

उत्तराखंड के उत्तरकाशी में राजस्व पुलिस ने पुरोला प्रखंड के मटियाली छानी क्षेत्र में अवैध पोस्त की खेती नष्ट करा दी। मामले में 11 ग्रामीणों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

यमुनोत्री धाम से लौटते समय एसडीएम मनीष कुमार को गैंड ग्राम पंचायत के मटियाली छानी तोक में कमल नदी से लगे खेतों में अवैध पोस्त की खेती नजर आयी। उन्होंने तत्काल राजस्व विभाग की टीम को मौके पर बुलाया। टीम ने यहां करीब पौने सात नाली जमीन पर हो रही अवैध खेती को नष्ट कराया।

उन्होंने बताया कि पोस्त से अफीम तैयार की जाती है और इसकी खेती प्रतिबंधित है। मामले में अजयपाल सिंह, सुमित्रा, केदार सिंह, पिठानिया, कृपाल सिंह, संदीप, तारीफ देवी, जीत सिंह, प्रेम सिंह, भजन सिंह एवं रमेश के खिलाफ केस कराया गया है। इससे ग्रामीणों में हड़कंप है।

अब ड्रोन का होगा इस्तेमाल
एसडीएम मनीष कुमार ने बताया कि क्षेत्र से कई बार पोस्त की अवैध खेती की शिकायत मिलती है। ज्यादातर ऊंचे और दुर्गम स्थानों पर पोस्त की खेती की जाती है। इसका पता लगाने के लिए अब प्रशासन ड्रोन का इस्तेमाल करेगा।

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