Corona Virus Research: अब वैज्ञानिकों ने दी चेतावनी, आंखों में भी छिपा हो सकता है कोरोना वायरस

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नई दिल्ली। नोवल कोरोना वायरस (Novel Corona Virus) कैसे फैला और इसके लक्षणों को लेकर बहुत रिपोर्ट सामने आ चुकी है। दुनियाभर के वैज्ञानिक कोविड-19 को खत्म करने के लिए रिसर्च कर रहे हैं। इस बीच वायरस के संभावित लक्षणों पर एक नई रिपोर्ट सामने आई है। इटली के वैज्ञानिकों का कहना है कि अस्पताल में भर्ती होने के 27 दिन बाद भी देश के पहले कोविड-19 (COVID-19) मरीज की आंखों में वायरस के कण थे। नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर इंफेक्शियस डिजीज के शोधकर्ता इस बात से परेशान हैं कि वायरस आंखों में रहकर नए वायरस को जन्म दे सकता है।

आंखों में जमा कचा और आंसू संक्रमण के लिए संभावित स्त्रोत
एनल्स ऑफ इंटरनल मेडिसिन में प्रकाशित हुई ये रिपोर्ट के अनुसार आंखों में जमा कचा और आंसू संक्रमण के लिए संभावित स्त्रोत बन सकते हैं। वहीं चेतावनी भी दी गई है कि आंखों का गुलाबी होना नोवल कोरोना वायरस का प्रारंभिक लक्षण हो सकता है, क्योंकि यह मरीजों के अन्य लक्षणों से पहले विकसित हुआ था।

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27 दिन बाद आंखों में वायरसस का पता चला
रिपोर्ट में बताया गया है कि 23 जनवरी को चीन के वुहान से रोम लौटी एक 65 वर्षीय महिला को सूखी खांसी, गले में खराश और आंखों में संक्रमण के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाद में उसे बुखार और उल्टियां भी हुई। महिला जब अस्पताल में आई उसकी आंखें लाल थी। 27 दिनों बाद जांच में महिला की आंखों में कोरोना वायरस का पता चला, जबकि उसके नाख के छिद्र पूरी तरह से साफ थे। शोधकर्तओं ने यह सुझाव दिया है कि वायरस महिला की आंखों के अंदर नए वायरस को बना रहा था।

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डॉक्टरों को बरतनी होगी सावधानी
रिपोर्ट में कहा गया है कि नेत्र डॉक्टरों को सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि आंखें वायरस का प्रवेश और प्रसार का स्त्रोत हो सकती है। वहीं लोगों को नाक, मुंह और आंखों को छूने से बचना और बार-बार हाथ धोना चाहिए। वैज्ञानिकों ने कहा आंख से कोविड-19 संक्रमण जल्द फैल सकता है। इस लिए इसे रोकने के लिए जल्द कोई उपाय खोजना होगा।

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