5 राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने कहा- लाखों लोगों को बसों में नहीं ला सकतें हैं, स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएं

0
6
  • देशभर में फंसे लोगों को उनके घरों तक पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार दे चुकी है अनुमति
  • बिहार, पंजाब, तेलंगाना, केरल और महाराष्ट्र सरकार ने कहा, सड़क मार्ग से इतने लोगों को लाना मुश्किल

नई दिल्ली. अलग-अलग राज्यों में फंसे लाखों प्रवासी मजदूरों, पर्यटकों, छात्रों और सैलानियों को उनके घरों तक पहुंचाने में राज्य सरकारों के सामने बड़ी समस्या आने लगी है। इसके चलते 5 राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने केंद्र सरकार से मांग की है इसके लिए स्पेशल बसें चलाई जाएं। मुख्यमंत्रियों ने कहा कि वह लाखों लोगों को बसों में नहीं ला सकते हैं। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टर अमरिंदर सिंह ने कहा कि दूसरे राज्यों में फंसे हुए लोगों की संख्या लाखों में है। ऐसे में उन्हें बसों से नहीं लाया जा सकता है। इसके लिए केंद्र सरकार को ही स्पेशल ट्रेनों का संचालन करवाना होगा। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पहले ही यह मांग कर चुके हैं। इसके अलावा बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी, तेलंगाना के सीएम के चंद्रशेखर राव और केरल के मुख्यमंत्री पी विजयन ने भी यह मांग उठाई है। सभी ने बस से लाने में संक्रमण फैलने का खतरा भी जताया है।

अकेले बिहार के 30 लाख से ज्यादा लोग फंसे हुए हैं
एक रिपोर्ट के अनुसार बिहार के 30 लाख लोग दूसरे राज्यों में फंसे हुए हैं। गुरुवार को उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी ने एक ट्विट करके बताया था कि बाहर फंसे 17 लाख मजदूरों को उनकी सरकार ने सहायता धनराशि भी भेजी है। यह संख्या केवल मजदूरों की है। 28 लाख लोगों ने इसके लिए आवेदन किया है। इसके अलावा 5-7 लाख छात्र और अन्य लोग बढ़ सकते हैं। उपमुख्यमंत्री ने ट्विट किया कि इतने भारी संख्या में फंसे हुए लोगों के लिए स्पेशल ट्रेनें चलाई जानी चाहिए।

लोगों की सहूलियत भी देखनी होगी
तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने कहा कि बसों में लाने से संक्रमण फैलने का खतरा ज्यादा होगा। सोशल डिस्टेंसिंग भी नहीं मेंटेन हो पाएगी। इसके अलावा लोगों दिक्कतें भी काफी होगी। जबकि एक ट्रेन में बड़ी संख्या में लोग आ सकेंगे, लंबी दूरी की यात्रा भी सुरक्षित और आरामदायक होगी । ट्रेन में पड़ाव, चढ़ने-उतरने और शौचालय जैसी अन्य व्यवस्थाएं नहीं करनी होंगी। एक स्टेशन से खुलेगी ट्रेन और गंतव्य वाले स्टेशन पर ही रुकेगी, इससे यात्रियों पर रहेगा नियंत्रण।

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here